देहरादून, 17 दिसंबर 2024: निकाय चुनावों को लेकर आरक्षण व्यवस्था पर उठ रही आपत्तियों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने स्पष्ट किया है कि समस्याओं को उचित फोरम से बाहर ले जाने पर अनुशासनहीनता मानी जाएगी और सख्त कार्रवाई की जाएगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि आरक्षण संबंधी मुद्दों को शहरी विकास विभाग में तय प्रक्रिया के तहत दर्ज कराया जा सकता है।
आरक्षण प्रक्रिया पर सरकार का रुख
महेंद्र भट्ट ने बताया कि राज्य सरकार ने निकाय चुनावों के आरक्षण को तय करने में सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी आपत्ति या सुझाव रखने का अधिकार है, लेकिन इसके लिए उचित मंच का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य शहरी आवास विभाग में आरक्षण से संबंधित आपत्तियों और सुझावों पर सुनवाई के लिए व्यवस्था की गई है, जहां विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अनुशासनहीनता पर सख्त चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग पार्टी फोरम के बाहर मीडिया या अन्य माध्यमों से बयानबाजी कर रहे हैं, उन्हें अनुशासनहीनता के तहत सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी को आरक्षण प्रक्रिया को लेकर आपत्ति है, तो वे पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों या निकाय चुनाव की जिम्मेदारी संभालने वाले नेताओं से सीधे संवाद कर सकते हैं।
'मीडिया की सुर्खियों के लिए बयानबाजी अस्वीकार्य'
महेंद्र भट्ट ने कहा कि आरक्षण को लेकर अनावश्यक बयानबाजी केवल भ्रम फैलाने और मीडिया में सुर्खियां बटोरने का प्रयास है। उन्होंने इसे पूरी तरह अनुचित बताया और कहा कि इस तरह की गतिविधियों से न तो पार्टी को और न ही राज्य को कोई लाभ होगा।
भाजपा के इस रुख से यह साफ हो गया है कि पार्टी आंतरिक अनुशासन बनाए रखने को प्राथमिकता दे रही है और निकाय चुनावों के लिए आरक्षण प्रक्रिया पर कोई विवाद सार्वजनिक मंचों पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब देखना होगा कि पार्टी के आह्वान के बाद असंतोष जताने वाले नेताओं का रुख क्या होता है।
This article is based on a press release issued by the Bhartiya Janta Party. While GNN has adapted the content for journalistic clarity and neutrality, the information and views presented originate from the press release. For More info, CLICK HERE.
