देहरादून, 3 दिसंबर 2024: राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने तेल क्षेत्र (विनियमन एवं विकास) संशोधन अधिनियम-2024 पर चर्चा करते हुए इसे भारत में ऊर्जा आत्मनिर्भरता और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
राज्यसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा पेश विधेयक पर बोलते हुए, भट्ट ने इसे भारत के तेजी से बढ़ते ऊर्जा क्षेत्र के लिए अत्यावश्यक बताया। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आर्थिक प्रगति के पथ पर है, जिससे ऊर्जा की मांग लगातार बढ़ रही है। हालांकि स्वतंत्रता के बाद तेल उत्पादन में वृद्धि हुई है, लेकिन यह अब भी हमारी जरूरतों का केवल 15% ही पूरा कर पा रहा है। वर्तमान में भारत 85% तेल आयात करता है, और यह विधेयक इस निर्भरता को कम करने की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा।"
तेल उत्पादन और ऊर्जा आत्मनिर्भरता पर जोर
महेंद्र भट्ट ने भारत की वर्तमान ऊर्जा स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि भारत प्रतिदिन 1,16,370 बैरल तेल का उत्पादन करता है और वैश्विक स्तर पर 20वें स्थान पर है। भारत की कुल तेल आवश्यकता 230 एमएमटी है, लेकिन उत्पादन और मांग के बीच की खाई को पाटने के लिए ऊर्जा क्षेत्र में सुधार और निवेश की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक प्राकृतिक गैस उत्पादन को बढ़ावा देगा और देश को परिवहन ईंधन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाएगा। इसके तहत छोटे और बड़े निवेशकों के लिए अवसर बढ़ाए गए हैं। साथ ही, प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने के लिए सरकारी विभागों से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने को अधिक सुगम बनाया गया है।
निवेश और उद्योगों को राहत
भट्ट ने इस संशोधन के जरिए निवेशकों की तकनीकी और पूंजीगत समस्याओं को कम करने की पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि खनन और परिचालन इकाइयों को तेजी से अनुमति मिलने और छोटे निवेशकों के लिए प्रोजेक्ट्स पर साझेदारी करने का अवसर देने का प्रावधान किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आजीवन कारावास जैसी कठोर सजा को आर्थिक दंड में बदलने का कदम इस क्षेत्र को और व्यावहारिक बनाएगा।
विपक्ष पर निशाना
भट्ट ने विपक्ष और पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2014 से पहले नामांकित क्षेत्रों में एक भी उत्पादन इकाई स्थापित नहीं की गई थी। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार को भी आड़े हाथों लिया, जहां ओएनजीसी ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, लेकिन राज्य सरकार की अनदेखी के कारण परियोजना अधूरी है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से राज्य को 8,000 करोड़ रुपये का लाभ हो सकता है।
भविष्य की उम्मीदें
भट्ट ने उम्मीद जताई कि यह संशोधन न केवल तेल और गैस उत्पादन को बढ़ाएगा बल्कि उद्योगों में प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहित करेगा। इसके परिणामस्वरूप मार्केट रेट में कमी आएगी और उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
निष्कर्ष
तेल क्षेत्र संशोधन अधिनियम-2024 भारत के ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव की ओर संकेत देता है। इस कानून के जरिए भारत को तेल और गैस उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने का सपना साकार हो सकता है।
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