देहरादून: उत्तरकाशी में आयोजित महापंचायत को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस समुदाय विशेष की तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है और भाजपा के खिलाफ निराधार आरोप लगा रही है।
महापंचायत पर भाजपा का रुख
चौहान ने स्पष्ट किया कि उत्तरकाशी में हुई महापंचायत को सरकार का कोई समर्थन नहीं था। उन्होंने कहा, "कांग्रेस को यह साफ करना चाहिए कि वह किसके पक्ष में है और किसके खिलाफ। महापंचायत शर्तों के साथ आयोजित की गई और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।"
उन्होंने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब राज्य में लव जिहाद या लैंड जिहाद जैसी घटनाएं होती हैं, तो कांग्रेस इस पर चुप क्यों रहती है। चौहान ने दावा किया कि पुरोला सहित अन्य घटनाओं में बाहरी प्रदेशों से आए लोगों की संलिप्तता पाई गई है।
बाहरी तत्वों पर निशाना
चौहान ने पुरोला, घाट, थराली और श्रीनगर की घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इन मामलों में बाहरी प्रदेशों से आए मुस्लिम समुदाय के लोगों की भूमिका रही है। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में सदियों से रह रहे मुस्लिम समुदाय राज्य की संस्कृति में रचे-बसे हैं, लेकिन बाहरी उद्देश्यों से आए लोग समस्या पैदा कर रहे हैं।"
भू-कानून और राज्य की संस्कृति
चौहान ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तावित भू-कानून की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कानून से राज्य की संस्कृति और मूल स्वरूप को संरक्षित किया जा सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस कानून का विरोध कर रही है क्योंकि इससे उनके राजनीतिक हित प्रभावित हो सकते हैं।
कांग्रेस पर तुष्टिकरण और सनातन विरोध का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर सनातन संस्कृति के विरोध का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति में लिप्त है। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए राज्य और देश भर में जनता का भरोसा खो दिया है। अब निकाय और पंचायत चुनावों में जनता इसे और सबक सिखाएगी।"
सियासी बयानबाजी जारी
महापंचायत के मुद्दे पर भाजपा और कांग्रेस की बयानबाजी ने उत्तराखंड की राजनीति को गरमा दिया है। एक ओर जहां भाजपा इसे राज्य की संस्कृति और सुरक्षा से जोड़ रही है, वहीं कांग्रेस इसे सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास बता रही है।
यह विवाद न केवल राज्य की राजनीति को प्रभावित कर रहा है बल्कि प्रदेशवासियों के बीच गहरे सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर बहस को भी जन्म दे रहा है।
This article is based on a press release issued by the Bhartiya Janta Party. While GNN has adapted the content for journalistic clarity and neutrality, the information and views presented originate from the press release. For More info, CLICK HERE.
