पत्रकारों पर कथित दुर्व्यवहार: भाजपा ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की

 देहरादून, 5 दिसंबर: उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केदारनाथ की हार से निराशा के बीच पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले ने विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस घटना के लिए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा को जिम्मेदार ठहराते हुए नैतिक आधार पर उनके इस्तीफे की मांग की है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इस घटना को लोकतंत्र और पत्रकारिता पर हमला बताते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के समय करन माहरा न केवल मौके पर मौजूद थे, बल्कि उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को समझाने के बजाय उन्हें उकसाया। भट्ट ने इसे "लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला" बताते हुए कहा कि यह व्यवहार एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष के लिए बेहद अनुचित है।




भट्ट ने कहा, "कांग्रेस हार से इतनी निराश हो चुकी है कि अब हर किसी को अपना विरोधी मानने लगी है। पत्रकारों पर इस तरह का दुर्व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसे किसी भी सूरत में सही नहीं ठहराया जा सकता।"

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी भ्रम, झूठ और अफवाह की राजनीति कर रही है। भट्ट ने दावा किया कि जनता अब कांग्रेस की राजनीति को पहचान चुकी है, यही वजह है कि हालिया चुनावों और कार्यक्रमों में पार्टी को लगातार अस्वीकृति का सामना करना पड़ा है।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने इस मामले पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि यह घटना भाजपा द्वारा राजनीतिक रूप से बढ़ा-चढ़ाकर पेश की जा रही है।

इस विवाद ने उत्तराखंड की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। क्या यह पत्रकारिता पर हमला था, या सियासी बौखलाहट का परिणाम? जनता अब इस मुद्दे पर दोनों दलों के तर्कों को देख रही है।

This article is based on a press release issued by the Bhartiya Janta Party. While GNN has adapted the content for journalistic clarity and neutrality, the information and views presented originate from the press release. For More info, CLICK HERE.

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