गीता प्रेस: सनातन संस्कृति की दुनिया भर में बेजोड़ पहचान

 भोपाल, 11 दिसंबर 2024: भगवान श्री कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए गीता के अमृतपूर्ण संदेश को फैलाने का कार्य गीता प्रेस ने पिछले 102 वर्षों से निरंतर और समर्पण से किया है। गीता प्रेस गोरखपुर, जो विश्व का सबसे बड़ा प्रकाशन संस्थान है, अब तक 16 करोड़ से अधिक श्रीमद्भगवत गीता की प्रतियां प्रकाशित कर चुका है, और कुल मिलाकर 41 करोड़ से अधिक पुस्तकों का प्रकाशन कर चुका है। यह संस्थान सनातन संस्कृति, धर्म और मानव कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के लिए प्रसिद्ध है।

गीता प्रेस की विशेषता यह है कि यह न केवल पुस्तकें प्रकाशित करता है, बल्कि इन्हें लागत मूल्य से भी कम कीमत पर समाज तक पहुंचाता है। पिछले कुछ दशकों में गीता प्रेस ने भारतीय धर्मग्रंथों की महत्ता को जन-जन तक पहुंचाने में अभूतपूर्व कार्य किया है। यह संस्थान न केवल हिंदू धर्म के सिद्धांतों को प्रस्तुत करता है, बल्कि इसके माध्यम से जीवन के बुनियादी मूल्यों को भी उजागर करता है।


गीता प्रेस का मुख्य उद्देश्य गीता, रामायण, उपनिषद, पुराणों और अन्य धार्मिक ग्रंथों को समाज में सुलभ और सस्ते दामों में उपलब्ध कराना है। इसके संस्थापक ब्रह्मलीन श्री जयदयाल जी गोयंदका की तपस्या और विचारों ने इस संस्थान को ऊंचाइयों तक पहुंचाया। गीता प्रेस के कार्यों में योगदान देने वाले श्री हनुमान प्रसाद पोद्दार, जिन्हें ‘भाईजी’ के नाम से जाना जाता है, ने भी इस संस्थान की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी।

गीता प्रेस के उल्लेखनीय कार्यों को मान्यता देते हुए वर्ष 2021 में भारत सरकार ने इस संस्थान को महात्मा गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया था, हालांकि गीता प्रेस ने इस पुरस्कार की राशि सरकार को वापस लौटा दी थी। इस पुरस्कार ने गीता प्रेस की अंतरराष्ट्रीय पहचान को और मजबूती दी।

संस्थान के संचालन का तरीका भी अनूठा है। यहां कर्मचारियों की दिन की शुरुआत भगवान के नाम से होती है, और यह संस्थान अपने प्रकाशनों में किसी भी प्रकार की त्रुटि को सुधारने के लिए प्रोत्साहन देता है। गीता प्रेस का भवन भी वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण है, जिसमें भारत की सांस्कृतिक धरोहर और इतिहास को दर्शाया गया है।

आज गीता प्रेस, केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विश्वभर में हिंदू धर्म, संस्कृति और भक्ति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसकी पुस्तकें अब इंटरनेट पर भी उपलब्ध हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति इन्हें डाउनलोड कर सके। गीता प्रेस का कार्य न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह समाज को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करने का एक स्थायी स्रोत बना हुआ है।

आज, जब पूरी दुनिया व्यावसायिकता और मुनाफे के जाल में उलझी हुई है, गीता प्रेस लोक कल्याण की भावना से प्रेरित होकर असंख्य पुस्तकें प्रकाशित कर रहा है और धर्म, संस्कृति, और समाज के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है।

(लेखक भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश के प्रदेश संगठन महामंत्री हैं)

This article is based on a press release issued by the Bhartiya Janta Party. While GNN has adapted the content for journalistic clarity and neutrality, the information and views presented originate from the press release. For More info, CLICK HERE.

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