देहरादून, 8 दिसंबर – उत्तराखंड में शराब नीति को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि राज्य में भाजपा सरकार ने देवभूमि को "मदिरा प्रदेश" में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस राज्य की अर्थव्यवस्था को शराब से होने वाली कमाई पर केंद्रित करना युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहा है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में धस्माना ने कहा कि राज्यभर में शराब की दुकानों का विस्तार सरकार की प्राथमिकता बन गया है। अकेले देहरादून में 65 नई विदेशी शराब की दुकानें खोली जा चुकी हैं, और 50 से अधिक नई दुकानों की योजना बनाई जा रही है। धस्माना ने दावा किया कि लाइसेंस फीस के अलावा अवैध रूप से लाखों रुपये रिश्वत के रूप में वसूले जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश की लगभग सभी शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग हो रही है। "देसी और अंग्रेजी शराब की हर बोतल पर ग्राहकों से तय कीमत से अधिक वसूला जा रहा है। हर महीने करीब 25 करोड़ रुपये ओवर रेटिंग के जरिए अवैध रूप से वसूले जा रहे हैं," उन्होंने कहा।
धस्माना ने दावा किया कि आबकारी विभाग पर उत्तर प्रदेश के एक शराब माफिया का पूरा नियंत्रण है, जिसे सत्ताधारी दल के वरिष्ठ नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह माफिया न केवल विभागीय अधिकारियों की तैनाती बल्कि शराब नीति निर्धारण में भी हस्तक्षेप कर रहा है।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में ओवर रेटिंग पर रोक लगाई जाए और आबकारी विभाग पर बाहरी हस्तक्षेप करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
शराब नीति को लेकर जारी यह विवाद राजनीतिक माहौल को और गरमा सकता है। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या रुख अपनाती है।
This article is based on a press release issued by the Indian National Congress. While GNN has adapted the content for journalistic clarity and neutrality, the information and views presented originate from the press release. For More info, CLICK HERE.
