"अडानी पर रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कांग्रेस ने केंद्र सरकार को घेरा"

 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप, संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग

देहरादून, 22 नवंबर: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने आज कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में गौतम अडानी और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रतिभूति विनिमय आयोग (SEC) ने अडानी समूह और उनके सहयोगियों पर भारत में उच्च मूल्य वाले सौर ऊर्जा अनुबंधों को हासिल करने के लिए 2000 करोड़ रुपए से अधिक की रिश्वत देने का आरोप लगाया है। इन अनुबंधों से अडानी समूह ने 16,000 करोड़ रुपए से अधिक का लाभ अर्जित किया।



कांग्रेस के अभियान को बताया सही
माहरा ने कहा कि राजस्थान, महाराष्ट्र जैसे भाजपा शासित राज्यों और अन्य राज्यों में भी सौर ऊर्जा अनुबंधों में इसी तरह का पैटर्न देखने को मिला है। यह कांग्रेस के "हम अडानी के हैं कौन" अभियान को सही साबित करता है। इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री मोदी और अडानी के करीबी संबंधों पर सवाल उठाए गए थे।

सरकारी एजेंसियों पर सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि सेबी, सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां अडानी के खिलाफ जांच करने में नाकाम रही हैं। इसके विपरीत, इन एजेंसियों का दुरुपयोग अडानी को हवाई अड्डे, बंदरगाह, मीडिया और सीमेंट कंपनियां खरीदने में मदद करने के लिए किया गया।

अंतरराष्ट्रीय खुलासों से भारत की छवि पर असर
माहरा ने कहा कि अमेरिका में अडानी के खिलाफ एफसीपीए कानून और धोखाधड़ी के मामलों में जांच चल रही है। इसके अलावा, केन्या के राष्ट्रपति ने भी अडानी के साथ हुए अनुबंधों को रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से भारतीय निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है और देश की छवि धूमिल हुई है।

कांग्रेस की मांग और आगामी विरोध
कांग्रेस ने इन आरोपों की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग की है। साथ ही, कांग्रेस पार्टी ने कल पूरे प्रदेश में अडानी और केंद्र सरकार के खिलाफ पुतला दहन का कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।

इस पत्रकार वार्ता में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सूर्यकांत धस्माना, शीशपाल सिंह बिष्ट, जसविंदर सिंह गोगी, नवीन जोशी और महेंद्र सिंह नेगी मौजूद रहे।

"कांग्रेस ने सवाल किया कि छोटे आरोपों में विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करने वाली एजेंसियां 2000 करोड़ रुपए की रिश्वतखोरी पर चुप क्यों हैं? यह भी मांग उठाई गई कि निवेशकों को हुए नुकसान की जिम्मेदारी तय की जाए।"

This is a press release issued by the Indian National Congress, UttraKhand. GNN has published it without any editorial changes. for more information CLICK HERE

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